वकील काला कोट क्यों पहनते है ?



दोस्तों आपने वकीलों को हमेशा काला कोट और सफेद शर्ट में ही देखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा हैं की वकील काले कोट ही क्यों पहनते हैं, अगर नहीं तो आज हम आपको अपने आर्टिकल में वकील काला कोट क्यों पहनते है? की सभी जानकारी विस्तार से दे रहें हैं। इससे जुडी सभी जानकारी को विस्तार से जानने के लिए आप हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पूरा पढ़ें।

WhatsApp Group Join Now

सरकारी वकील कैसे बने?

वकील काला के अलावा किसी और रंग के कोट क्यों नहीं पहनते हैं?

जी हाँ दोस्तों हम सभी ये बात बहुत अच्छे से जानते हैं की वकील हमेशा काला कोट और सफेद शर्ट ही पहना करते हैं। वकालत की शुरुआत 1327 में एडवर्ड तृतीय ने की थी हम आपको बता दें कि वकीलों के द्वारा पहने जाने वाला काला कोट कोई फैशन नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक ऐतिहासिक वजह है। क्योकि साल 1694 में क्वीन मैरी की बीमारी के चलते मृत्यु हुई थी तब उनके पति राजा विलियम्स ने सभी न्यायधीशों और वकीलों को सार्वजनिक शौक मनाने के लिए काले रंग का गाउन पहनने का आदेश दिया था। तभी से काले रंग का कोट पहनने की प्रथा को शुरू क्या गया हैं। इसके आलावा साल 1961 में भारत में एडवोकेट से जुड़े कुछ नियम बनाये गए थे जिनके तहत वकीलों को काला कोट पहनना अनिवार्य कर दिया गया था।

Vakeel Kala Coat Kyu Pahnte Hai

मोहल्ला क्लीनिक क्या है

भारत में साल 1961 का नियम

जैसा की हमने आपको बताया की भारत में तो साल 1961 में इस नियम को लागू किया गया हैं। लेकिन बात करें, विदेश की तो जब इंग्लैंड के किंग चार्ल्स की मृत्यु हुई थी तब उनकी शोक सभा में सभी वकील काले कोट पहनकर गए थे. इसके बाद विदेशों में भी एडवोकेट को ब्लैक कोट पहनना अनिवार्य कर दिया गया था। हालांकि वकीलों के काले रंग की ड्रेस का प्रस्ताव 1637 में ही रखा जा चुका था, जिसके कारण आम लोगों से उन्हें अलग दिखाना था। ये माना जाता है कि यह काला कोट और सफेद शर्ट वकीलों में अनुशासन लाता है और उनमें न्याय के प्रति विश्वास जगाता है। यह बैंड पवित्रता और भोलेपन का प्रतीक होता है, जो किसी भी वकील के लिए अहम माना जाता है।

न्यूरोलॉजी (Neurology) क्या है ?

Engineering में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं

भारत में काला कोट पहनने का चलन

भारत में 1961 में वकीलों के लिए काला कोट अनिवार्य कर दिया गया था। काला कोट अनुशासन आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता हैं। चाहे स्कूली जीवन हो,ऑफिस हो या कोर्ट हर जगह ड्रेस कोड का एक खास कारण अनुशासन होता है। काले रंग को ताकत और अधिकार का प्रतीक माना जाता है।आज के समय में काला कोट ही वकीलों का पहचान बन गया है। अधिनियम 1961 के तहत अदालतों में सफेद बैंड टाई के साथ काला कोट पहन कर आना अनिवार्य कर दिया गया था। साथ ही वकीलों के द्वारा काले कोट सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के तमाम देशों में पहना जाता है। इंग्लैंड में काला रंग प्रोफेशन के लिए काफी लोकप्रिय माना जाता है। इसलिए कई विशेष सभा में बड़े अधिकारी काले रंग की ड्रेस पहनकर मौजूद रहते हैं।

एलएलबी (LLB) क्या होता है

FAQ’s

वकीलों की पहचान क्या हैं ?

प्राचीन समय से ही वकीलों की पहचान काला कोट हैं।

काला कोट पहनने के पीछे का कारण क्या हैं ?

काले रंग के कोट को अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है इस कारण से इसे भारत के अलावा भी कई सारे देशों में वकील यह ड्रेस कोड फॉलो करते हैं।

काला कोट पहनना कब से शुरू हुआ ?

इतिहास के अनुसार वकालत की शुरुआत 1327 में हुई थी।

एलएलएम (LLM) क्या होता है

Leave a Comment